संसदीय राजभाषा समिति की दूसरी उप समिति का दिनांक 24.01.2018 को आयोजित निरिक्षण कार्यक्रम की रिपोर्ट

Print

संसदीय राजभाषा समिति की दूसरी उप-समिति द्वारा भाकृअनुप-केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्‍थान,क्षेत्रीय कार्यालय,कायम्‍कुलम का राजभाषा कार्यान्‍वयन में हुई प्रगति का निरीक्षण कार्यक्रम दिनांक  24.01.2018 को आलप्पुषा में संपन्‍न हुआ । क्षेत्रीय कार्यालय ,कायम्‍कुलम के साथ दक्षिण रेलवे, आलप्पुषा और भारत संचार निगम लि. आलप्पुषा  का निरीक्षण भी रखा गया था ।उपर्युक्त निरीक्षण कार्यक्रम के समन्वयन कार्य भ.कृ,अनु,प-केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान(के.रो.फ.अ.सं), क्षेत्रीय स्टेशन, कायम्‍कुलम को सौपा गया था ।  

            दिनांक 23.01.2018 कोसंसदीय राजभाषा समिति के संयोजक माननीय डॉ. प्रसन्ना कुमार पटसाणी, सांसद (लोक सभा), समिति के अन्य माननीय सदस्य - डॉ. सुनील बलराम गायकवाड़, संसद (लोक सभा), डॉ. सत्येंद्र सिंह, वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी, श्री विकास वर्मा, हिंदी अधिकारी, श्रीमती नीरजा, अनुसंधान सहायक और श्री अब्दुल मोहिब सहायक को  कोट्टयम जिले से केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान, कासारगोडके निदेशक डॉ. पी. चौडप्पा, के.रो.फ.अ.सं., के क्षेत्रीय स्टेशन, कायम्‍कुलम के अध्‍यक्ष, डॉ. वी. कृष्णकुमार,  भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भा.कृ.अनु.प.), नई दिल्ली के प्रतिनिधि डा. विक्रमादित्य पाण्‍डे, प्रधान वैज्ञानिक (बागवानी), श्री एम.एल. गुप्ता, उप निदेशक (राजभाषा), श्री मनोज कुमारसहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी(राजभाषा)और श्री टी.ई. जनार्धनन,प्रशासनिक अधिकारी, के.रो.फ.अ.सं, कासरगोड मिलकर  आलप्‍पुष़ा तक आगवानी की ।  

दिनांक 24 जनवरी 2018निरीक्षण कार्यक्रम के पहले सम्मेलन कक्ष के बाहर के.रो.फ.अ.संके क्षेत्रीय स्टेशन, कायम्कुलम द्वारा राजभाषा हिन्दी में किए गए कार्यों की एक प्रदर्शनी आयोजित की गई । संसदीय समिति के गणमान्‍य सदस्यों ने  बड़ी ही उत्सुकता के साथ प्रदर्शित सामग्रियों को देखा और किए गए कार्यों की सराहना की।

क्षेत्रीय स्टेशन की निरीक्षण बैठक दिनांक  24.1.2018 को पूर्वाह्न शुरु की गई जिसमें संसदीय राजभाषा समिति की दूसरी उपसमिति के गणमान्‍य सदस्‍यों के अतिरिक्‍त निरीक्षण कार्यालय की ओर से डॉ. पी चौडप्पा,निदेशक,के.रो.फ.अ.सं, कासरगोड,डॉ.वी.कृष्णकुमार,अध्‍यक्ष , के.रो.फ.अ.सं, क्षेत्रीय स्टेशन, कायम्‍कुलमतथा   भा.कृ.अनु.प., नई दिल्लीके प्रतिनिधि के रूप में डॉ. विक्रमादित्य पाण्‍डे ,प्रधान वैज्ञानिक (बागवानी),  श्री एम एल गुप्ता,उप निदेशक (राजभाषा), श्री मनोज कुमार, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी (राजभाषा)और  श्रीमती के. श्रीलता,सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी(राजभाषा),श्री टी.ई. जनार्धनन,प्रशासनिक अधिकारी, के.रो.फ.अ.सं, कासरगोड़ और श्री.प्रदीपकुमार वासु,सहायक प्रशासनिक अधिकारी,के.रो.फ.अ.सं,क्षेत्रीय स्टेशन, कायम्‍कुलमउपस्थित थे । बैठक के प्रारंभ मेंडॉ.वी. कृष्णकुमार ने संसदीय समिति का स्वागत किया और निदेशक महोदय डॉ पी. चौड़प्‍पा जी ने गणमान्‍य सदस्‍यों को शाल पहनाया और गुलाब फूल से सम्‍मानित किया । स्‍वागत भाषण के साथ बैठक में उपस्थित केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान(के.रो.फ.अ.सं), क्षेत्रीय स्टेशन, कायम्‍कुलम के प्रतिनिधियों  का परिचय कराया । निरीक्षण कार्यक्रम के पहले डॉ. वी. कृष्णकुमार ने हिंदी प्रकाशनों, पोस्टर, "के.रो.फ.अ.सं - एक झलक'- वृत्‍त चित्र " और हिंदी में बनाई गई मोबाइल ऐप 'ई-कल्पा ' का विमोचन करने के लिए समिति से अपील की ।  माननीय सदस्यों ने इसे स्वीकार किया और प्रकाशनों  का विमोचन गणमान्‍य सदस्‍यों के कर कमलों द्वारा किया गया ।

        संसदीय समिति के गणमान्‍य संयोजक डॉ. प्रसन्ना कुमार पटसाणी ने हिंदी में प्रकाशित विस्तार पुस्तिकाएं, मोबाइल एप्लिकेशन और मल्टीमीडिया के माध्यम से हिंदी के प्रचार और प्रसार को बढ़ावा देने के लिए भा.कृ,अनु,प-केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान द्वारा किए जाने वाले प्रयासों पर अत्यधिक संतुष्टि व्यक्त की और सराहना भी की ।

तत्पश्चात् समिति ने केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय स्टेशन, कायम्‍कुलम द्वारा समिति को प्रस्तुत की गई निरीक्षण 
प्रश्नावली की विस्तृत रूप से जांच की । समिति द्वारा उठाए गए संदेहों के मुद्दों पर स्पष्ट रूप से विवरण दिया गया । बारहवीं 
पंचवर्षीय योजना में ई एफ सी में स्‍वीकृत हिंदी अनुवादक-(2) हिंदी टंकक ( अवर श्रेणी लिपिक) –(1) के  पदों की सृजन की
 कार्रवाई पर भाकृअनुप ,नई दिल्‍ली मुख्यालय के अधिकारियों ने समिति को आश्वासन दिया कि उक्त पद  छह महीने के अंदर 
भरे जाएंगे । प्रश्नावली की समीक्षा करते हुए समिति ने पाया कि केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय स्टेशन,
कायम्‍कुलममें राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग में हुई प्रगति प्रशंसनीय है और सुझाव दिया कि उच्चतर लक्ष्यप्राप्ती के लिए
 कर्मचारियों को प्रेरित किया जाए। 

समिति ने निरीक्षण कार्यक्रम को बड़ी ही सुविधाजनक तरह से आयोजित करने तथा इसके उचित तरीके से समन्वयन करने के लिए 
केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान की सराहना की। बैठक दोपहर 1.45 बजे डॉ. विक्रमादित्य पांडे, प्रधान वैज्ञानिक (बागवानी),
 भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद,  नई दिल्ली के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ समाप्त हुई।

 



ICAR-Central Plantation Crops Research Institute
Kudlu.P.O,
Kasaragod,Kerala, 671124


Phone : 04994-232894
Fax : 04994-232322
E-Mail :This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. ,
This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. ,
This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.

3499681
Time: 2018-09-22 20:36:36

                   

Copyright © 2014 CPCRI. All Rights Reserved